Category: टेक्नोलॉजी

  • भारत-अलीबाबा डॉट कॉम साझेदारी: निर्यात को बढ़ावा देने की पहल

    स्टार्टअप्स और छोटे व्यवसायों पर फोकस

    भारत सरकार ने Alibaba.com के साथ एक निर्यात-केंद्रित कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स और छोटे व्यवसायों को वैश्विक खरीदारों तक पहुंचाने में मदद करना है। यह पहल खासतौर पर उन उद्यमियों के लिए है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहते हैं।

    स्टार्टअप इंडिया के तहत घोषणा

    इस सप्ताह Startup India पहल के तहत Alibaba Group के साथ साझेदारी की घोषणा की गई। यह कदम दर्शाता है कि सरकार चुनिंदा तकनीकी प्लेटफॉर्म्स के साथ सहयोग के जरिए निर्यात को बढ़ावा देना चाहती है।

    B2B प्लेटफॉर्म के जरिए वैश्विक पहुंच

    इस कार्यक्रम का मकसद भारतीय निर्यातकों को अलीबाबा के वैश्विक बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। इससे छोटे निर्माताओं और व्यापारियों को विदेशी बाजारों में सीधे खरीदारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

    स्टार्टअप्स को मिलेगा तकनीकी और कमीशन सपोर्ट

    सरकार ऐसे स्टार्टअप्स की पहचान करेगी, जो निर्यातकों को डिजिटल ऑनबोर्डिंग, मार्केटिंग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रक्रियाओं में मदद कर सकें। इन स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता और कमीशन आधारित प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।

    डिजिटल बाजार पहुंच का विस्तार

    इस साझेदारी के जरिए छोटे व्यवसायों के लिए डिजिटल बाजार तक पहुंच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इससे MSME सेक्टर को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।

    2020 के प्रतिबंधों की पृष्ठभूमि

    साल 2020 में भारत-चीन सीमा तनाव के बाद भारत सरकार ने कई चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। इनमें TikTok, PUBG Mobile और AliExpress जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म शामिल थे। ये प्रतिबंध अब भी लागू हैं।

    सीमित और सावधानीपूर्ण सहयोग

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी व्यापक नीतिगत बदलाव का संकेत नहीं देती, बल्कि एक सीमित और सावधानीपूर्वक उठाया गया कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक हितों को साधना और निर्यात क्षमता को बढ़ाना है।

    निर्यात वृद्धि की दिशा में अहम कदम

    कुल मिलाकर, यह पहल भारतीय स्टार्टअप्स और छोटे कारोबारियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निर्यात में नई संभावनाएं खुल सकती हैं।

  • एंथ्रोपिक का क्लाउड ऐप टॉप-10 में पहुंचा

    सुपर बाउल विज्ञापन के बाद आई बड़ी छलांग

    AI कंपनी Anthropic का चैटबॉट ऐप Claude अमेरिकी ऐप स्टोर में बड़ी छलांग लगाते हुए 41वें स्थान से सीधे शीर्ष-10 में पहुंच गया। शुक्रवार तक यह 7वें नंबर पर आ गया, जो अब तक की इसकी सबसे ऊंची रैंकिंग है।

    ChatGPT पर तंज बना चर्चा का विषय

    इस उछाल के पीछे सुपर बाउल के दौरान दिखाया गया विज्ञापन अहम माना जा रहा है। विज्ञापन में ChatGPT पर विज्ञापन दिखाने को लेकर कटाक्ष किया गया था, जिसे यूजर्स ने काफी पसंद किया।

    डाउनलोड में 32% की बढ़ोतरी

    मार्केट इंटेलिजेंस फर्म Appfigures के आंकड़ों के अनुसार, रविवार से मंगलवार तक iOS और एंड्रॉयड पर क्लाउड के अमेरिकी डाउनलोड लगभग 1.48 लाख रहे। यह इससे पहले के तीन दिनों (गुरुवार से शनिवार) की तुलना में 32 फीसदी अधिक है, जब कुल डाउनलोड करीब 1.12 लाख थे।

    दैनिक औसत भी बढ़ा

    रविवार से मंगलवार के बीच क्लाउड के दैनिक औसत डाउनलोड 49,200 रहे। यह सामान्य औसत 37,400 प्रति दिन की तुलना में 32 फीसदी अधिक है। इससे साफ है कि विज्ञापन का सीधा असर ऐप की लोकप्रियता पर पड़ा।

    ओपस 4.6 मॉडल ने भी खींचा ध्यान

    एंथ्रोपिक ने हाल ही में अपना नया AI मॉडल ओपस 4.6 पेश किया है। इस मॉडल ने क्लाउड की क्षमताओं को लेकर उत्सुकता बढ़ाई और ऐप की विशिष्टता को उजागर किया। इससे भी डाउनलोड में तेजी आई।

    “विज्ञापन AI में, लेकिन क्लाउड में नहीं”

    सुपर बाउल विज्ञापन में कंपनी ने संदेश दिया—“विज्ञापन AI में आ रहे हैं, लेकिन क्लाउड में नहीं।” इस लाइन के जरिए कंपनी ने यह संकेत दिया कि उसका प्लेटफॉर्म विज्ञापन-मुक्त अनुभव देता है।

    ब्रांड पोजिशनिंग की सफल रणनीति

    विशेषज्ञों का मानना है कि एंथ्रोपिक ने प्रतिस्पर्धी पर हल्के-फुल्के तंज के साथ खुद को प्राइवेसी-फोकस्ड और यूजर-फ्रेंडली विकल्प के रूप में पेश किया। यह रणनीति यूजर्स के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया पाने में सफल रही।

    AI मार्केट में बढ़ी प्रतिस्पर्धा

    AI चैटबॉट बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार तेज हो रही है। क्लाउड की इस उपलब्धि ने दिखा दिया है कि प्रभावी मार्केटिंग और नए फीचर्स के सहारे कंपनियां तेजी से रैंकिंग में उछाल ला सकती हैं।