Category: राजनीति

  • CM Yogi का ‘दिल्ली गैस चेंबर’ बयान, सियासत गरम

    गोरखपुर में कार्यक्रम के दौरान वायु प्रदूषण पर टिप्पणी, AAP ने साधा निशाना

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शनिवार को गोरखपुर में दिल्ली की वायु गुणवत्ता को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दिल्ली की हवा इतनी प्रदूषित हो चुकी है कि वहां की स्थिति “गैस चेंबर” जैसी महसूस होती है।

    सीएम योगी ने कहा कि राजधानी में सांस लेना मुश्किल है और आंखों में जलन होती है। इसके विपरीत उन्होंने गोरखपुर के वातावरण को स्वच्छ और शुद्ध बताया। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    AAP नेता संजय सिंह की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री के बयान पर Sanjay Singh ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर योगी का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि दिल्ली में AQI 400 के पार पहुंच जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है।

    संजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि डॉक्टरों को लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह देनी पड़ती है, जबकि गोरखपुर का माहौल शानदार बताया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या योगी आदित्यनाथ यह भूल गए हैं कि दिल्ली में भाजपा की सरकार है या फिर यह बयान जानबूझकर दिया गया है।

    गोरखपुर में लोकार्पण कार्यक्रम

    दरअसल, सीएम योगी गोरखपुर में 2.47 करोड़ रुपये की लागत से बने कल्याण मंडपम के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए दिल्ली के प्रदूषण का मुद्दा उठाया।

    उन्होंने कहा कि पर्यावरण से छेड़छाड़ का परिणाम गंभीर होता है और दिल्ली इसका उदाहरण है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि गोरखपुर में विकास कार्यों के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    पर्यावरण संरक्षण पर जोर

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण संरक्षण है। उनका कहना था कि जहां प्रदूषण कम होता है, वहां बीमारियां भी कम होती हैं और जीवन स्तर बेहतर होता है।

    सीएम योगी के इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर जहां भाजपा इसे पर्यावरण के प्रति चिंता बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक हमला करार दे रहा है।

  • राज्यसभा 2026 को लेकर संजय राउत का बड़ा दावा

    शरद पवार की सक्रिय राजनीति पर दिया स्पष्ट संकेत

    महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा चुनाव 2026 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भविष्य को लेकर शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। उनके बयान ने सियासी गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

    मीडिया से बातचीत में राउत ने साफ कहा कि शरद पवार अभी राजनीति से संन्यास लेने वाले नहीं हैं। उन्होंने पवार को देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक बताते हुए कहा कि आने वाले समय में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है।

    राउत ने संकेत दिए कि 2026 के राज्यसभा चुनाव में शरद पवार सक्रिय रूप से हिस्सा ले सकते हैं। उनका कहना है कि महाविकास अघाड़ी (MVA) एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी और पवार की रणनीति इसमें अहम भूमिका निभाएगी।

    NCP विलय की अटकलों पर कड़ा रुख

    बीते कुछ दिनों से यह चर्चा जोरों पर थी कि क्या अजित पवार गुट दोबारा शरद पवार के साथ आएगा। इस पर संजय राउत ने साफ शब्दों में कहा कि दोनों गुटों के एक होने की संभावना बेहद कम है।

    राउत ने दावा किया कि अगर कोई विलय होता भी है तो वह अजित पवार गुट का भाजपा में हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अजित पवार गुट अपनी राजनीतिक पहचान खो चुका है और उनके पास भाजपा के साथ जाने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं।

    महाविकास अघाड़ी की मजबूती पर जोर

    आगामी विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे, शरद पवार और कांग्रेस का गठबंधन पूरी तरह मजबूत है। उन्होंने विश्वास जताया कि विपक्षी एकता आने वाले चुनावों में निर्णायक साबित होगी।

    राउत ने सत्ताधारी महायुति गठबंधन (भाजपा-शिंदे-अजित पवार) पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि विपक्ष को तोड़ने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन जनता अब सच्चाई समझ चुकी है और समय आने पर जवाब देगी।

    संजय राउत का यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। शरद पवार की संभावित रणनीति और राउत की भविष्यवाणी ने विरोधी खेमे में नई हलचल पैदा कर दी है।