ठाणे ( चंद्रभूषण विश्वकर्मा ) । मुंबई महानगर क्षेत्र के ठाणे , रायगढ़ , पालघर , मुंबई शहर और मुंबई उपनगर इन पांच सागरी जिलों के भूमिपुत्रों के विभिन्न सामाजिक , आर्थिक , रोजगार , जमीन और पुनर्वास संबंधी सवालों को एकजुट होकर उठाने के उद्देश्य से ‘सागरी भूमिपुत्र महासंघ’ की स्थापना की जा रही है बता दे कि सांसद सुरेश (बाळ्यामामा) म्हात्रे की पहल से गठित होने वाले इस महासंघ में आगरी , कोली , कराडी , कुणबी , आदिवासी , भंडारी और बारह बलुतेदार समाज सहित किसान , मछुआरे , परियोजना प्रभावित नागरिक , गांवठाण निवासी , युवा और महिलाओं को एक व्यापक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है ।
गौरतलब है कि सागरी भूमिपुत्र महासंघ का स्थापना समारोह मंगलवार 29 सितंबर 2026 को ठाणे पश्चिम स्थित राम गणेश गडकरी रंगायतन में सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित किया जाएगा , समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग शामिल होंगे स्थापना कार्यक्रम के साथ ही भूमिपुत्रों के सामाजिक , सांस्कृतिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी ।
जमीन , गावठाण और कोलीवाड़ा के सवाल प्रमुख ….

मुंबई महानगर क्षेत्र में तेजी से हो रहे शहरीकरण , औद्योगिकीकरण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कारण स्थानीय भूमिपुत्रों के सामने जमीन , गांवठाण , कोलीवाड़े, पारंपरिक व्यवसाय , रोजगार , पुनर्वास और पर्यावरण से जुड़े कई सवाल खड़े हुए हैं अलग – अलग संगठन इन मुद्दों को अपने स्तर पर उठाते रहे हैं लेकिन पांचों सागरी जिलों के समान मुद्दों के लिए एक साझा मंच की आवश्यकता महसूस की जा रही थी , महासंघ के माध्यम से गांवठाण और कोलीवाड़ों के नागरिकों के घरों , पुनर्निर्माण, गावठाण विस्तार , निर्माण अनुमति और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े सवालों को भी प्रमुखता से उठाने की बात कही गई है ।
परियोजना प्रभावितों और किसानों के अधिकारों पर जोर
ज्ञात हो कि सिडको , एमएमआरडीए , एमआईडीसी , जेएनपीए , बुलेट ट्रेन , वसई -विरार – अलिबाग कॉरिडोर , कोस्टल रोड और वाढवण बंदरगाह जैसी विभिन्न परियोजनाओं के कारण स्थानीय किसानों , मछुआरों और परियोजना प्रभावित परिवारों के सामने जमीन , मुआवजा , पुनर्वास , पुनर्स्थापना और रोजगार के सवाल उठते रहे हैं , महासंघ की ओर से विकास परियोजनाओं में स्थानीय लोगों को उचित मुआवजा , पुनर्वास , रोजगार और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी दिए जाने की मांग को आगे बढ़ाने की भूमिका बताई गई है ।
पारंपरिक मछली पकड़ने के व्यवसाय और पर्यावरण का मुद्दा
सागरी क्षेत्रों में बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक गतिविधियों के बीच समुद्र , खाड़ियों और जल स्रोतों के संरक्षण का मुद्दा भी महत्वपूर्ण बताया गया है , मछुआरा संगठनों की ओर से प्रदूषण और बदलती परिस्थितियों का पारंपरिक मछली पकड़ने के व्यवसाय तथा मत्स्य संसाधनों पर असर पड़ने की बात कही जाती रही है , महासंघ के माध्यम से पारंपरिक मछुआरों के अधिकार , आजीविका की सुरक्षा , समुद्री पर्यावरण का संरक्षण और स्थानीय लोगों की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी जैसे मुद्दे उठाए जाने की बात आयोजकों ने कही है ।
युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता पर जोर
मुंबई महानगर क्षेत्र में उद्योग और सेवा क्षेत्र के विस्तार के बीच स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी महासंघ ध्यान केंद्रित करेगा , कौशल विकास , शिक्षा , रोजगार , उद्यमिता और व्यवसाय के अवसरों के साथ स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र में स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी मंच के माध्यम से उठाई जाएगी , इसके अलावा बिजली वितरण , बढ़े हुए बिजली बिल , ग्राहक शिकायतों और बिजली वितरण कंपनियों से संबंधित स्थानीय उपभोक्ताओं के सवालों को भी महासंघ के एजेंडे में शामिल किया गया है ।
नवी मुंबई एयरपोर्ट के नामकरण का मुद्दा भी शामिल
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लोकनेते दि. बा. पाटील का नाम देने की मांग को भी महासंघ के माध्यम से आगे बढ़ाने की बात आयोजकों ने कही है आयोजकों के अनुसार महाराष्ट्र विधानसभा और विधान परिषद में इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है , भूमिपुत्रों के अधिकारों के लिए दी. बा. पाटील द्वारा किए गए संघर्ष को देखते हुए उनके नाम पर एयरपोर्ट का नामकरण किए जाने की मांग को महासंघ के माध्यम से उठाया जाएगा ।
‘एक सवाल, एक आवाज, एकजुटता’ का नारा
महासंघ की स्थापना के पीछे ‘एक सवाल – एक आवाज – एकजुटता’ की संकल्पना रखी गई है आयोजकों का कहना है कि पांचों सागरी जिलों में विभिन्न समाजों , किसानों , मछुआरों और परियोजना प्रभावितों के संगठन अलग – अलग स्तर पर काम कर रहे हैं , समान मुद्दों पर सामूहिक आवाज उठाने के लिए व्यापार मंच तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है ।
कई प्रमुख हस्तियां रहेंगी मौजूद
स्थापना समारोह में परमपूज्य बालयोगी सदानंद महाराज की विशेष उपस्थिति रहने की जानकारी दी गई है इसके अलावा पद्मविभूषण शरद चंद्र पवार और पद्मश्री लक्ष्मण माने की उपस्थिति भी प्रस्तावित है सागरी भूमिपुत्र समाज के सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान के लिए भिकल्या लाडक्या पिंडा साहेब को ‘विशेष सागरी रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा , कार्यक्रम में आमदार किसन कथोरे , ज्येष्ठ नेता आर. सी. पाटील, आमदार रमेश दादा पाटील , आमदार राजेश मोरे , आमदार शांताराम मोरे , नेता प्रकाश पाटील , उपनेत्या ज्योतीताई ठाकरे और आगरी सेना प्रमुख प्रदीप साळवी सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों की उपस्थिति रहने की जानकारी आयोजकों ने दी है , सांसद सुरेश (बाळ्या मामा ) म्हात्रे की पहल से आकार ले रहे सागरी भूमिपुत्र महासंघ के माध्यम से पांचों सागरी जिलों के भूमिपुत्रों के सवालों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है ।