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  • कोलंबो में भारत की ऐतिहासिक जीत, पाकिस्तान को 61 रन से हराया

    विश्व कप में दूसरी सबसे बड़ी हार

    कोलंबो के आरपीएस मैदान पर खेले गए टी-20 विश्व कप मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराकर इतिहास रच दिया। यह टी-20 विश्व कप में पाकिस्तान की दूसरी सबसे बड़ी हार है। टीम इंडिया की इस जीत ने टूर्नामेंट में उसकी दावेदारी और मजबूत कर दी है।

    भारत की दमदार बल्लेबाज़ी

    भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 175 रन बनाए। शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाज़ों ने आक्रामक रुख अपनाया और पाकिस्तान के गेंदबाज़ों पर दबाव बनाए रखा। अंत के ओवरों में तेज रन गति ने स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

    114 पर सिमटा पाकिस्तान

    176 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम 18 ओवर में 114 रन पर ऑलआउट हो गई। भारतीय गेंदबाज़ों ने अनुशासित लाइन-लेंथ के साथ लगातार विकेट झटके और पाकिस्तान को मैच में वापसी का मौका नहीं दिया। 61 रनों की यह हार पाकिस्तान के लिए ऐतिहासिक झटका साबित हुई।

    पाकिस्तान की सबसे बड़ी हारों की सूची

    टी-20 विश्व कप इतिहास में पाकिस्तान की सबसे बड़ी हार 2014 में मीरपुर में वेस्ट इंडीज के खिलाफ 84 रन से रही थी। अब भारत के खिलाफ 61 रन की हार दूसरी सबसे बड़ी हार बन गई है। तीसरे स्थान पर 2009 में ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ 48 रन की हार शामिल है।

    न्यूनतम स्कोर में भी दर्ज हुआ नाम

    इस मुकाबले में पाकिस्तान का 114 रन का स्कोर टी-20 विश्व कप में उसका तीसरा सबसे कम स्कोर है। इससे पहले 2014 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ 82 रन और 2024 में भारत के खिलाफ 113/7 का स्कोर दर्ज हुआ था। 2012 में श्रीलंका के खिलाफ 123/7 भी कम स्कोर में शामिल है।

    सुपर 8 की रेस पर असर

    इस हार के बाद पाकिस्तान के लिए सुपर 8 में पहुंचने की राह मुश्किल हो गई है। उसे अगले मुकाबले में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। वहीं भारत इस जीत के साथ सुपर 8 में क्वालीफाई कर चुका है और आत्मविश्वास से भरपूर नजर आ रहा है।

    भारत का रिकॉर्ड कायम

    भारत ने इस जीत के साथ टी-20 विश्व कप में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। भारत ने पाकिस्तान को अब तक 8 बार हराया है, जिसमें एक सुपर ओवर की जीत भी शामिल है।

    अन्य टीमों का प्रदर्शन

    रिकॉर्ड सूची में दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया है जिसने बांग्लादेश को 6 बार हराया है। पाकिस्तान ने भी बांग्लादेश के खिलाफ 6 जीत दर्ज की हैं। श्रीलंका और वेस्ट इंडीज ने क्रमशः वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ 6-6 मुकाबले जीते हैं।

  • वैलेंटाइंस डे 2026 पर सोना रिकॉर्ड स्तर पर

    महानगरों में 24 कैरेट 1.57 लाख पार, चांदी 5,000 रुपये सस्ती

    वैलेंटाइंस डे 2026 के मौके पर भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में बड़ा और अप्रत्याशित उछाल देखने को मिला है। वैश्विक अनिश्चितताओं और मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव के बीच सोना एक बार फिर सुरक्षित निवेश के रूप में उभरा है।

    जहां एक ओर सोने की चमक बढ़ी है, वहीं चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इस अचानक बदलाव ने निवेशकों और आभूषण खरीदने वालों दोनों को हैरान कर दिया है।

    महानगरों में 24 कैरेट सोने का नया रिकॉर्ड

    देश की राजधानी Delhi में 24 कैरेट सोना 1,57,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वहीं Mumbai और Kolkata में 24 कैरेट सोने का भाव 1,57,750 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

    कल के मुकाबले आज सोने की कीमतों में करीब 1,970 रुपये की तेज बढ़ोतरी हुई है। इस उछाल ने खासतौर पर वैलेंटाइंस डे पर गिफ्ट खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों की जेब पर असर डाला है।

    22 कैरेट सोने की दरों में भी तेजी

    आभूषण निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमतों में भी भारी इजाफा हुआ है। दिल्ली में 22 कैरेट सोना 1,44,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है।

    मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोना 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। प्रमुख शहरों में 22 कैरेट के भाव में लगभग 1,800 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़त दर्ज की गई है।

    18 कैरेट गोल्ड भी हुआ महंगा

    कम वजन और फैशनेबल ज्वेलरी के लिए पसंद किए जाने वाले 18 कैरेट सोने के दाम भी बढ़े हैं। दिल्ली में 18 कैरेट सोना 1,18,460 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है।

    मुंबई और कोलकाता में इसका भाव 1,18,310 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। 18 कैरेट गोल्ड में करीब 1,470 रुपये प्रति 10 ग्राम की वृद्धि हुई है।

    चांदी में 5,000 रुपये की गिरावट

    सोने के विपरीत चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। आज चांदी का भाव 2,75,000 रुपये प्रति किलोग्राम है, जो कल 2,80,000 रुपये था।

    प्रति ग्राम के हिसाब से चांदी 275 रुपये पर आ गई है, जबकि एक दिन पहले यह 280 रुपये प्रति ग्राम थी। इस गिरावट ने चांदी के निवेशकों को राहत दी है।

    सुरक्षित निवेश के रूप में सोना

    विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशक फिर से सोने की ओर रुख कर रहे हैं। बाजार में अस्थिरता के बीच सोना सुरक्षित संपत्ति के रूप में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है।

    हालांकि, वैलेंटाइंस डे पर आया यह उछाल उन ग्राहकों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है जो इस अवसर पर सोने के आभूषण खरीदने की योजना बना रहे थे। आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की कीमतों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।

  • CM Yogi का ‘दिल्ली गैस चेंबर’ बयान, सियासत गरम

    गोरखपुर में कार्यक्रम के दौरान वायु प्रदूषण पर टिप्पणी, AAP ने साधा निशाना

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शनिवार को गोरखपुर में दिल्ली की वायु गुणवत्ता को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दिल्ली की हवा इतनी प्रदूषित हो चुकी है कि वहां की स्थिति “गैस चेंबर” जैसी महसूस होती है।

    सीएम योगी ने कहा कि राजधानी में सांस लेना मुश्किल है और आंखों में जलन होती है। इसके विपरीत उन्होंने गोरखपुर के वातावरण को स्वच्छ और शुद्ध बताया। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    AAP नेता संजय सिंह की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री के बयान पर Sanjay Singh ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर योगी का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि दिल्ली में AQI 400 के पार पहुंच जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है।

    संजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि डॉक्टरों को लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह देनी पड़ती है, जबकि गोरखपुर का माहौल शानदार बताया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या योगी आदित्यनाथ यह भूल गए हैं कि दिल्ली में भाजपा की सरकार है या फिर यह बयान जानबूझकर दिया गया है।

    गोरखपुर में लोकार्पण कार्यक्रम

    दरअसल, सीएम योगी गोरखपुर में 2.47 करोड़ रुपये की लागत से बने कल्याण मंडपम के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए दिल्ली के प्रदूषण का मुद्दा उठाया।

    उन्होंने कहा कि पर्यावरण से छेड़छाड़ का परिणाम गंभीर होता है और दिल्ली इसका उदाहरण है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि गोरखपुर में विकास कार्यों के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    पर्यावरण संरक्षण पर जोर

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण संरक्षण है। उनका कहना था कि जहां प्रदूषण कम होता है, वहां बीमारियां भी कम होती हैं और जीवन स्तर बेहतर होता है।

    सीएम योगी के इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर जहां भाजपा इसे पर्यावरण के प्रति चिंता बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक हमला करार दे रहा है।

  • जे जे अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों की भूख हड़ताल

    स्टूडेंट गवर्नेंस और संस्थागत स्वायत्तता को लेकर आंदोलन, 16 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल

    मुंबई के प्रसिद्ध Sir J. J. Hospital में सोमवार से स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है। बड़ी संख्या में अंडर ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टरों ने 16 फरवरी से सामूहिक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाने की घोषणा की है।

    डॉक्टरों का कहना है कि यह आंदोलन स्टूडेंट गवर्नेंस, इंस्टीट्यूशनल ऑटोनॉमी और कैंपस में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर है। उनका आरोप है कि प्रशासन द्वारा छात्र संगठनों के कामकाज में लगातार दखल दिया जा रहा है।

    ग्रांट मेडिकल कॉलेज जिमखाना को लेकर विवाद

    डॉक्टरों ने विशेष रूप से Grant Medical College जिमखाना के कामकाज में हस्तक्षेप का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि चुनी हुई ग्रांट मेडिकल कॉलेज स्टूडेंट्स एसोसिएशन की शक्तियों को कमजोर किया जा रहा है, जिससे छात्रों की स्वायत्तता प्रभावित हो रही है।

    डॉक्टरों की संस्था के महासचिव ऋषिकेश शिंदे ने बताया कि हड़ताल के पहले दिन करीब 200 डॉक्टर और रेजिडेंट इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि जिमखाना की स्वायत्तता को बचाने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया है।

    स्वास्थ्य सेवाओं पर असर की आशंका

    रेजिडेंट डॉक्टर अस्पताल की सेवाओं की रीढ़ माने जाते हैं। ऐसे में उनके आंदोलन पर जाने से ओपीडी, इमरजेंसी और वार्ड सेवाओं पर सीधा असर पड़ सकता है। मरीजों और उनके परिजनों में इसको लेकर चिंता बढ़ने लगी है।

    हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रबंधन इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाता है।

    समाधान की राह पर निगाहें

    डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का संकल्प जताया है।

    अब सबकी नजरें प्रशासन और डॉक्टरों के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है और मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

  • शहीद विदीप जाधव के परिवार के साथ खड़ी मुंबई पुलिस

    आयुक्त देवेन भारती ने सौंपे 1.40 करोड़ रुपये, हर संभव मदद का दिया भरोसा

    मुंबई पुलिस ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वह अपने जवानों को केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा मानती है। पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक भावुक मुलाकात के दौरान आयुक्त Deven Bharti ने शहीद कॉन्स्टेबल विदीप जाधव के परिजनों से मुलाकात की और विभाग की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

    इस मुलाकात में भावनाओं और जिम्मेदारी का अनूठा संगम देखने को मिला। आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विदीप जाधव जैसे बहादुर सिपाही के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और विभाग उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।

    परिवार को मिला 1.40 करोड़ रुपये का आर्थिक संबल

    शहीद के परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए Mumbai Police ने त्वरित कदम उठाए। वरिष्ठ बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में परिवार को 1.40 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि सौंपी गई।

    यह सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा और परिवार के सम्मानजनक जीवन के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। अधिकारियों ने कहा कि शहीद परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना ही उनके बलिदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

    कर्तव्य की वेदी पर सर्वोच्च बलिदान

    कॉन्स्टेबल विदीप जाधव की शहादत कर्तव्यनिष्ठा और साहस की मिसाल है। वे उस सुरक्षा दल का हिस्सा थे, जो महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar की सुरक्षा में तैनात था।

    28 जनवरी 2026 को बारामती के पास हुए भीषण विमान हादसे में विदीप जाधव भी सवार थे। इस दर्दनाक दुर्घटना ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरी पुलिस फोर्स को गहरा आघात पहुंचाया।

    अंतिम क्षण तक अपनी ड्यूटी निभाने वाले जाधव की बहादुरी और ईमानदारी को विभाग ने सलाम किया है। आयुक्त ने संकेत दिए कि आर्थिक सहायता के साथ-साथ अनुकंपा नियुक्ति और अन्य विभागीय सुविधाओं की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी। विदीप जाधव का नाम अब उन वीरों में दर्ज हो चुका है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर ‘सद्रक्षणाय खलनिग्रहणाय’ के मंत्र को सार्थक किया।

  • Today Box Office Collection: ‘बॉर्डर 2’ की मजबूत पकड़, ‘ओ रोमियो’ की शानदार एंट्री

    वेलेंटाइन डे पर रोमांस बनाम देशभक्ति, कलेक्शन में दिखी दिलचस्प टक्कर


    🔹 ‘बॉर्डर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा बरकरार

    बॉलीवुड अभिनेता Sunny Deol की फिल्म Border 2 अब भी सिनेमाघरों में मजबूती से टिकी हुई है। नई फिल्मों की रिलीज के बावजूद दर्शकों का रुझान फिल्म की ओर बना हुआ है।


    🔹 300 करोड़ क्लब में कायम मजबूत पकड़

    ताजा आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने हालिया दिन में 1.90 करोड़ रुपये की कमाई की है। इसके साथ ही ‘बॉर्डर 2’ का कुल कलेक्शन 320.45 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हालांकि कलेक्शन में हल्की गिरावट आई है, लेकिन 300 करोड़ क्लब में इसकी पकड़ अभी भी मजबूत है।


    🔹 ‘ओ रोमियो’ को वेलेंटाइन डे का फायदा

    वेलेंटाइन डे के मौके पर रोमांटिक फिल्मों को खास फायदा मिलता है। इस बार Shahid Kapoor की फिल्म O Romeo ने इसका पूरा लाभ उठाया है। फिल्म अब तक 20.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर चुकी है।


    🔹 शाहिद-तृप्ति की केमिस्ट्री ने जीता दिल

    शाहिद कपूर और Triptii Dimri की जोड़ी को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘ओ रोमियो’ की मजबूत ओपनिंग ने अन्य फिल्मों की कमाई पर असर डाला है।


    🔹 ‘मर्दानी 3’ की रफ्तार पड़ी धीमी

    वहीं Rani Mukerji स्टारर Mardaani 3 बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती नजर आ रही है। फिल्म ने दो हफ्तों में 43.15 करोड़ रुपये की कमाई की है, जबकि वर्ल्डवाइड कलेक्शन 63.95 करोड़ रुपये पहुंच चुका है।


    🔹 ‘वध 2’ और ‘तू या मैं’ का हाल

    Vadh 2 ने नौवें दिन तक 3.6 करोड़ रुपये जुटाए हैं। वहीं Shanaya Kapoor की फिल्म Tu Ya Main अब तक 1.40 करोड़ रुपये ही कमा पाई है।


    🔹 सनी देओल ने दिया सफलता का श्रेय

    हाल ही में सनी देओल ने फिल्म की सफलता का श्रेय अपने पिता Dharmendra को दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ है, और फिल्म की शुरुआत में भी उनका विशेष उल्लेख किया गया है।


    🔹 बॉक्स ऑफिस पर जारी है कड़ी टक्कर

    कुल मिलाकर इस समय बॉक्स ऑफिस पर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। जहां ‘ओ रोमियो’ रोमांस के दम पर आगे बढ़ रही है, वहीं ‘बॉर्डर 2’ अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी फिल्म लंबी रेस में आगे निकलती है।

  • महाराष्ट्र में प्रोफेशन टैक्स खत्म करने की मांग तेज

    व्यापारिक संगठनों ने सरकार पर बढ़ाया दबाव

    महाराष्ट्र में व्यवसाय कर (प्रोफेशन टैक्स) को लेकर व्यापारिक संगठनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन ऑफ महाराष्ट्र (एफएएम) ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर इस कर को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग की है।

    संगठन का कहना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में अतिरिक्त कर का बोझ व्यापारियों और कर्मचारियों दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। इससे व्यवसाय की गति धीमी हो रही है और रोजगार सृजन पर भी असर पड़ रहा है।

    कर्मचारियों पर सीधा असर

    वर्तमान नियमों के अनुसार, राज्य में पुरुष कर्मचारियों के 7,500 रुपये मासिक वेतन पर 175 रुपये व्यवसाय कर काटा जाता है। वहीं महिला कर्मचारियों के लिए 25,000 रुपये तक की वेतन सीमा निर्धारित है, जिसके बाद कर लागू होता है।

    व्यापारिक संगठनों का तर्क है कि यह कटौती कर्मचारियों की आय को प्रभावित करती है। उनका कहना है कि महंगाई के दौर में कर्मचारियों को राहत देने की आवश्यकता है, न कि अतिरिक्त कर का बोझ डालने की।

    उद्यमियों और भागीदारों पर भी भार

    सिर्फ कर्मचारी ही नहीं, बल्कि स्वामित्व और भागीदारी फर्मों के मालिकों तथा प्रत्येक भागीदार को भी अलग से यह कर देना पड़ता है। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बनता है।

    व्यापारिक संगठनों का मानना है कि रोजगार देने वाले उद्यमियों पर अतिरिक्त कर लगाना आर्थिक गतिविधियों को कमजोर करता है। इससे नए निवेश और विस्तार योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है।

    बजट में घोषणा की अपील

    एफएएम अध्यक्ष जितेंद्र शाह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में आगामी बजट में प्रोफेशन टैक्स समाप्त करने की घोषणा करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह कदम व्यापार को नई ऊर्जा देगा और रोजगार के अवसर बढ़ाएगा।

    संगठन को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेगी। उल्लेखनीय है कि 15 मई 2025 को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में भी इस विषय पर चर्चा हुई थी, लेकिन अब तक अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

  • राज्यसभा 2026 को लेकर संजय राउत का बड़ा दावा

    शरद पवार की सक्रिय राजनीति पर दिया स्पष्ट संकेत

    महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा चुनाव 2026 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भविष्य को लेकर शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। उनके बयान ने सियासी गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

    मीडिया से बातचीत में राउत ने साफ कहा कि शरद पवार अभी राजनीति से संन्यास लेने वाले नहीं हैं। उन्होंने पवार को देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक बताते हुए कहा कि आने वाले समय में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है।

    राउत ने संकेत दिए कि 2026 के राज्यसभा चुनाव में शरद पवार सक्रिय रूप से हिस्सा ले सकते हैं। उनका कहना है कि महाविकास अघाड़ी (MVA) एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी और पवार की रणनीति इसमें अहम भूमिका निभाएगी।

    NCP विलय की अटकलों पर कड़ा रुख

    बीते कुछ दिनों से यह चर्चा जोरों पर थी कि क्या अजित पवार गुट दोबारा शरद पवार के साथ आएगा। इस पर संजय राउत ने साफ शब्दों में कहा कि दोनों गुटों के एक होने की संभावना बेहद कम है।

    राउत ने दावा किया कि अगर कोई विलय होता भी है तो वह अजित पवार गुट का भाजपा में हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अजित पवार गुट अपनी राजनीतिक पहचान खो चुका है और उनके पास भाजपा के साथ जाने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं।

    महाविकास अघाड़ी की मजबूती पर जोर

    आगामी विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे, शरद पवार और कांग्रेस का गठबंधन पूरी तरह मजबूत है। उन्होंने विश्वास जताया कि विपक्षी एकता आने वाले चुनावों में निर्णायक साबित होगी।

    राउत ने सत्ताधारी महायुति गठबंधन (भाजपा-शिंदे-अजित पवार) पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि विपक्ष को तोड़ने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन जनता अब सच्चाई समझ चुकी है और समय आने पर जवाब देगी।

    संजय राउत का यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। शरद पवार की संभावित रणनीति और राउत की भविष्यवाणी ने विरोधी खेमे में नई हलचल पैदा कर दी है।

  • मुंबई: मुलुंड में मेट्रो निर्माणाधीन हिस्सा ऑटो पर गिरा, कई घायल

    एलबीएस रोड पर दोपहर में मचा हड़कंप

    शनिवार दोपहर Mulund (पश्चिम) इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया, जब निर्माणाधीन मेट्रो प्रोजेक्ट का भारी हिस्सा सड़क पर चल रहे ऑटो रिक्शा पर गिर पड़ा। घटना LBS Road पर स्थित Johnson & Johnson के पास हुई।

    कैसे हुआ हादसा?

    मिली जानकारी के अनुसार, मेट्रो लाइन का काम तेजी से चल रहा था। इसी दौरान मेट्रो पिलर के ऊपरी हिस्से से सीमेंट का बड़ा स्लैब या मलबा अचानक नीचे आ गिरा। उस समय सड़क पर ट्रैफिक सामान्य रूप से चल रहा था।

    ऑटो का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह पिचका

    बदकिस्मती से, जिस वक्त मलबा गिरा, उसी समय वहां से एक ऑटो रिक्शा गुजर रहा था। मलबे का वजन इतना अधिक था कि ऑटो का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह दब गया और वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।

    3-4 लोग आए चपेट में

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऑटो में सवार 3 से 4 लोग मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग मदद के लिए दौड़ पड़े।

    राहत और बचाव कार्य शुरू

    स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।

    पुलिस और BMC मौके पर पहुंची

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों की निगरानी की।

    ट्रैफिक डायवर्ट, मलबा हटाने की कार्रवाई

    पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ दिया। साथ ही घटनास्थल से मलबा हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है, ताकि सड़क को जल्द सामान्य किया जा सके।

    सुरक्षा नियमों की जांच शुरू

    फिलहाल संबंधित विभाग दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन किया गया था या नहीं। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

  • भारत-अलीबाबा डॉट कॉम साझेदारी: निर्यात को बढ़ावा देने की पहल

    स्टार्टअप्स और छोटे व्यवसायों पर फोकस

    भारत सरकार ने Alibaba.com के साथ एक निर्यात-केंद्रित कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स और छोटे व्यवसायों को वैश्विक खरीदारों तक पहुंचाने में मदद करना है। यह पहल खासतौर पर उन उद्यमियों के लिए है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहते हैं।

    स्टार्टअप इंडिया के तहत घोषणा

    इस सप्ताह Startup India पहल के तहत Alibaba Group के साथ साझेदारी की घोषणा की गई। यह कदम दर्शाता है कि सरकार चुनिंदा तकनीकी प्लेटफॉर्म्स के साथ सहयोग के जरिए निर्यात को बढ़ावा देना चाहती है।

    B2B प्लेटफॉर्म के जरिए वैश्विक पहुंच

    इस कार्यक्रम का मकसद भारतीय निर्यातकों को अलीबाबा के वैश्विक बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। इससे छोटे निर्माताओं और व्यापारियों को विदेशी बाजारों में सीधे खरीदारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

    स्टार्टअप्स को मिलेगा तकनीकी और कमीशन सपोर्ट

    सरकार ऐसे स्टार्टअप्स की पहचान करेगी, जो निर्यातकों को डिजिटल ऑनबोर्डिंग, मार्केटिंग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रक्रियाओं में मदद कर सकें। इन स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता और कमीशन आधारित प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।

    डिजिटल बाजार पहुंच का विस्तार

    इस साझेदारी के जरिए छोटे व्यवसायों के लिए डिजिटल बाजार तक पहुंच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इससे MSME सेक्टर को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।

    2020 के प्रतिबंधों की पृष्ठभूमि

    साल 2020 में भारत-चीन सीमा तनाव के बाद भारत सरकार ने कई चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। इनमें TikTok, PUBG Mobile और AliExpress जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म शामिल थे। ये प्रतिबंध अब भी लागू हैं।

    सीमित और सावधानीपूर्ण सहयोग

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी व्यापक नीतिगत बदलाव का संकेत नहीं देती, बल्कि एक सीमित और सावधानीपूर्वक उठाया गया कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक हितों को साधना और निर्यात क्षमता को बढ़ाना है।

    निर्यात वृद्धि की दिशा में अहम कदम

    कुल मिलाकर, यह पहल भारतीय स्टार्टअप्स और छोटे कारोबारियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निर्यात में नई संभावनाएं खुल सकती हैं।