ठाणे ( चंद्रभूषण विश्वकर्मा ) : ठाणे महानगरपालिका में विकास कार्यों को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप एक बार फिर चर्चा में हैं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( शरदचंद्र पवार ) के ठाणे जिलाध्यक्ष मनोज प्रधान ने पिछले वर्षों में हुए मनपा के विभिन्न कामों की SIT के जरिए जांच कराने की मांग की है उनका आरोप है कि ठेकेदारों और मनपा अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये के कामों में अनियमितताएं हुई हैं और कई जगहों पर महज खानापूर्ति कर सरकारी राशि खर्च की गई |
गौरतलब है कि मनोज प्रधान ने विशेष रूप से सड़क खुदाई के बाद चर भरने के लिए निकाले गए करीब 7 करोड़ रुपये के टेंडर पर सवाल उठाए हैं उनके मुताबिक गैस पाइपलाइन , बिजली की केबल या अन्य उपयोगिता कार्यों के लिए सड़क खोदे जाने के बाद संबंधित एजेंसी द्वारा मनपा को राशि दी जाती है और उसके बाद सड़क को पूर्व स्थिति में लाने का काम किया जाता है प्रधान का दावा है कि इस प्रक्रिया में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका है यह मामला शिवसेना नगरसेवक राजू फाटक द्वारा उठाए गए सवालों के बाद सामने आया है , ज्ञात हो कि इसी मुद्दे को लेकर राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) के युवक कार्याध्यक्ष राजेश कदम ने मनोज प्रधान के मार्गदर्शन में मनपा आयुक्त को पत्र देकर संबंधित टेंडरों की जांच और उन्हें रद्द करने की मांग की है ।
395 करोड़ के कामों पर भी सवाल ………..
बता दे कि मनोज प्रधान ने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान अलग – अलग प्रभागों में 4 करोड़, 6 करोड़ और 7 करोड़ रुपये तक के कई कामों के वर्क ऑर्डर जारी किए गए उन्होंने इन कार्यों की गुणवत्ता और वास्तविकता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई जगहों पर सिर्फ सतही काम करके भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई , प्रधान ने कहा कि 7 सितंबर को उन्होंने 395 करोड़ रुपये के कामों को लेकर मनपा को पत्र दिया था लेकिन उन्हें अब तक जवाब नहीं मिला उनका कहना है कि अब राष्ट्रवादी कांग्रेस ( शरदचंद्र पवार ) के कार्यकर्ता इन कार्यों की साइट पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे और कामों के फोटो तथा अन्य दस्तावेजी सबूत एकत्र करेंगे उनके मुताबिक इन दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कार्यों की वास्तविकता सामने लाई जाएगी , प्रधान ने कहा कि अगर जांच में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की जांच होनी चाहिए ।
SIT जांच की मांग ……….
मनोज प्रधान ने पूरे मामले की विशेष जांच टीम ( SIT ) के जरिए जांच कराने की मांग की है उनका आरोप है कि मनपा को कई बार शिकायत और पत्र दिए जाने के बावजूद अपेक्षित जवाब नहीं मिल रहा है उन्होंने आशंका जताई कि लंबित कामों के बिलों का भुगतान जल्दबाजी में किया जा सकता है , प्रधान ने चेतावनी दी कि राष्ट्रवादी कांग्रेस ( शरदचंद्र पवार ) इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरेगी और कथित अनियमितताओं को जनता के सामने लाएगी हालांकि इन आरोपों पर संबंधित ठेकेदारों और मनपा अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच और दस्तावेजों के आधार पर तथ्यों की पुष्टि जरूरी होगी ।
ठाणे में कानून – व्यवस्था पर भी प्रधान ने उठाए सवाल ………

प्रेस वार्ता के दौरान मनोज प्रधान ने ठाणे में हाल में हुई शिवसेना ( UBT ) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या का मुद्दा भी उठाया पूर्णेकर पर 29 सितंबर की रात हमला हुआ था और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई इस मामले में पुलिस जांच जारी है और 30 सितंबर को पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी , प्रधान ने ठाणे में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए कानून – व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि यदि हत्या के मामले में किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव सामने आता है तथा मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती तो उनका पक्ष आंदोलन करेगा ।
उन्होंने ठाणे की मौजूदा स्थिति की तुलना फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से करते हुए राजनीतिक भाषा में सवाल उठाया कि शहर में कानून – व्यवस्था की स्थिति को लेकर प्रशासन को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है फिलहाल मनपा के कथित 7 करोड़ रुपये के सड़क – चर भराई टेंडर और 395 करोड़ रुपये के अन्य कार्यों को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक जांच होने पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी अब देखना यह दिलचस्प होगा की क्या प्रधान की मांग को ठाणे शासन और प्रशासन किस तरह से लेती है ।