Hindi News / मुंबई

दिव्यांग लोगों के लिए आरक्षित सीटों और बिना अनुमति सामान बेचने पर रेलवे ने 10 लाख से ज़्यादा का वसूला जुर्माना

Article Top Ad

मुंबई ( चंद्रभूषण विश्वकर्मा ) | यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने अनुशासन बनाए रखने और स्टेशनों व ट्रेनों में आसानी से यात्रा की सुविधा देने के लिए सेंट्रल रेलवे के मुंबई डिवीज़न ने 1 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक एक महीने का विशेष अभियान चलाया इस विशेष अभियान RPF स्क्वाड और कमर्शियल अधिकारियों / इंस्पेक्टरों के सहयोग से अलग – अलग टिकट – चेकिंग स्क्वाड ( जैसे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और कल्याण में ‘ कोर्ट बैच ‘, सबअर्बन स्क्वाड, महिलाओं के लिए खास ‘ तेजस्विनी’ स्क्वाड , और स्टेशनों व ट्रेनों में ‘ एमेनिटी टीमें ‘) द्वारा चलाया गया , ज्ञात हो कि इस अभियान का मकसद सघन जांच के ज़रिए रेलवे एक्ट के मुख्य प्रावधानों को लागू करना था ।

इस अभियान के दौरान कुल 677 मामले पकड़े गए और ₹10.10 लाख का जुर्माना वसूला गया , रेलवे एक्ट की चार मुख्य धाराओं के तहत की गई कार्रवाई इस प्रकार है
रेलवे एक्ट, 1989 की धारा 155 (1) (a) और (b) रेलवे कोच में बिना अनुमति घुसने और रेलवे प्रशासन द्वारा आरक्षित सीटों या बर्थ ( दिव्यांग लोगों के लिए आरक्षित कोच और सीटों सहित ) पर बिना अनुमति कब्ज़ा करने से संबंधित हैं , धारा 155 (1) के तहत 321 मामले पकड़े गए और कुल ₹6,37,000 का जुर्माना वसूला गया , इस धारा को सख्ती से लागू करने से यह सुनिश्चित होता है कि दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित सुविधाएं उन्हें बिना किसी परेशानी के मिलती रहें।

गौरतलब है कि धारा 155 (1) (b) के तहत 93 मामले पकड़े गए और कुल ₹93,000 का जुर्माना वसूला गया ,यह प्रावधान यात्रियों की खास श्रेणियों के लिए आरक्षित कोचों में बिना उचित अनुमति के यात्रा करने से संबंधित है , रेलवे एक्ट, 1989 की धारा 144 ट्रेनों और रेलवे परिसर में बिना अनुमति सामान बेचने, भीख मांगने और बिक्री या प्रचार के लिए लोगों से संपर्क करने पर रोक लगाती है और इस नियम का उल्लंघन करने पर एक साल तक की जेल , ₹2,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं , धारा 144 के तहत 99 मामले सामने आए और कुल ₹1,98,000 का जुर्माना वसूला गया रेलवे के अधिकारी ने बताया कि इस अभियान का मकसद भीड़ को नियंत्रित करना साफ़ – सफ़ाई बनाए रखना और यात्रियों को अनाधिकृत वेंडरों से बचाना था  , रेलवे ट्रैक या संपत्ति पर अनाधिकृत रूप से प्रवेश करना रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 147 के तहत दंडनीय अपराध है इसमें छह महीने तक की जेल, ₹1,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं , धारा 147 के तहत 164 मामले सामने आए और कुल ₹82,000 का जुर्माना वसूला गया यह पहल सेंट्रल रेलवे की दुर्घटनाओं को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चल रही कोशिशों का हिस्सा है ।

सबसे ज़्यादा कार्रवाई मानखुर्द में की गई जहाँ 289 मामले दर्ज किए गए और ₹4,49,000 का जुर्माना वसूला गया इसके बाद वडाला रोड (232 मामले, ₹2,57,000 जुर्माना) और ठाणे स्टेशन (61 मामले, ₹1,22,000 जुर्माना) का स्थान रहा तो वही अन्य प्रमुख स्टेशन जहाँ कार्रवाई की गई उनमें छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, कल्याण, घाटकोपर, पनवेल, मस्जिद, चिंचपोकली, चेंबूर, सानपाडा, सेवरी, वाशी और लोनावला शामिल हैं  , अधिकारी ने यह भी बताया कि सेंट्रल रेलवे सुरक्षित और सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है अनुशासन बनाए रखने और यात्री सेवाओं को बेहतर बनाने की चल रही कोशिशों के तहत आने वाले महीनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और सेंट्रल रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि वे वैध टिकट के साथ यात्रा करें, दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित सीटों पर न बैठें, अनाधिकृत वेंडिंग से बचें और रेलवे ट्रैक पार न करें नहीं तो  नियमों का उल्लंघन करने वालों को रेलवे अधिनियम के तहत जुर्माने और दंड का सामना करना पड़ेगा ,सेंट्रल रेलवे यात्रियों से यह भी आग्रह करता है कि वे ऐसे किसी भी मामले की सूचना ड्यूटी पर मौजूद निकटतम रेलवे कर्मचारी को दें या 139 पर कॉल करें।

Article Inline Ad
Article Bottom Ad
Translate