भिवंडी | ( भगवानदास विश्वकर्मा ) | भिवंडी महानगरपालिका में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर अक्सर चर्चा होती रही है इसी क्रम में मंगलवार (9 जून) की शाम प्रभाग समिति क्रमांक-3 के प्रभारी सहायक आयुक्त सुरेंद्र भोईर (52) , जो मूल रूप से सर्वेयर तथा भवन निरीक्षक पद पर नियुक्त हैं , इनको ठाणे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया , इस कार्रवाई के बाद महानगरपालिका प्रशासन में हड़कंप मच गया है ।

पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रभाग समिति क्रमांक -3 के अंतर्गत एक अवैध निर्माण कार्य चल रहा था उस पर कार्रवाई न करने के बदले सुरेंद्र भोईर ने शिकायतकर्ता से 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी इसमें से पहली किस्त के रूप में 2 लाख 50 हजार रुपये तत्काल देने को कहा गया था , इस संबंध में शिकायतकर्ता ने ठाणे एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी गौरतलब है कि रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और मंगलवार शाम करीब 7 बजे प्रभाग समिति कार्यालय के बाहर खुले मैदान में अपनी हुंडई क्रेटा कार (एमएच-01-डीके-6085) में शिकायतकर्ता से 2.5 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते समय एसीबी टीम ने सुरेंद्र भोईर को रंगेहाथ पकड़ लिया ।
बता दे कि कार्रवाई के बाद उन्हें भिवंडी शहर पुलिस थाने ले जाया गया जहां देर रात तक पूछताछ और बयान दर्ज किए गए इसके बाद तड़के उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया , ठाणे एसीबी की इस कार्रवाई से महानगरपालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई है उल्लेखनीय है कि पिछले तीन वर्षों में महानगरपालिका में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की चार अलग – अलग कार्रवाइयों में सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है ।
हालांकि ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारियों को निलंबित किया जाना और बाद में जिम्मेदारी वाले पदों पर नियुक्त न करने के निर्देश होने के बावजूद प्रशासन द्वारा उन पर विशेष मेहरबानी बरती जाने की चर्चा भी जोरों पर है इस कारण नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा आश्चर्य और नाराजगी व्यक्त की जा रही है अब देखना यह दिलचस्प होगा कि एसीबी की जांच में और क्या नए खुलासे होंगे ।

