ठाणे ( चंद्रभूषण विश्वकर्मा ) । ठाणे महानगरपालिका की ओर से संपत्ति कर में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर एनसीपी – शरदचंद्र पवार पार्टी ने सत्ताधारी पक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी है , पार्टी के ठाणे जिला अध्यक्ष मनोज प्रधान ने कहा कि आवासीय मकानों पर 12 प्रतिशत और व्यावसायिक संपत्तियों पर 20 प्रतिशत तक कर बढ़ोतरी ठाणे करों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली है , उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता की जेब पर डाका डालने वाली इस कर वृद्धि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा ।
गौरतलब है कि ठाणे मनपा की सोमवार को हुई महा सभा में कर बढ़ोतरी के प्रस्ताव को बहुमत से मंजूरी दी गई जिस पर एनसीपी शरदचंद्र पवार पार्टी के नगरसेवकों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया लेकिन सदन में बहुमत के चलते प्रस्ताव पारित हो गया ।
मनोज प्रधान ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान ठाणे करों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं , ट्रैफिक से मुक्ति और कासारवडवली खाड़ी के किनारे 50 एकड़ क्षेत्र में एफिल टॉवर की तर्ज पर 260 मीटर ऊंचे व्यूइंग टॉवर जैसे बड़े – बड़े वादे किए गए थे । लेकिन इनमें से कई वादे अब तक जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं ऐसे में नागरिकों पर अतिरिक्त कर का बोझ डालना उचित नहीं है ।
प्रधान ने महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धाराओं का हवाला देते हुए कहा कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की जिम्मेदारी नागरिकों को स्वच्छ जल आपूर्ति , सीवेज व्यवस्था , कचरा प्रबंधन , सार्वजनिक स्वास्थ्य , सड़क प्रकाश व्यवस्था , सार्वजनिक परिवहन , पार्क और खेल के मैदान जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है उन्होंने सवाल उठाया कि जब नागरिकों को पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं तो कर बढ़ोतरी किस आधार पर की जा रही है ?
उन्होंने ठाणे शहर में पानी , सड़क , स्ट्रीट लाइट , पार्क , सार्वजनिक परिवहन और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए , प्रधान ने कहा कि यदि ठाणे मनपा की आर्थिक स्थिति खराब है और इसी वजह से टैक्स बढ़ाया जा रहा है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है ? इसकी जांच होनी चाहिए ।
“ठाणे करों पर अतिरिक्त बोझ डालने के बजाय मनपा को अपनी आय के अन्य स्रोतों से बकाया राशि वसूल करनी चाहिए एलबीटी , विज्ञापन कर , पानी कर सहित कई विभिन्न तरीकों से करीब 1500 करोड़ रुपये की वसूली का मुद्दा सामने है , पहले इन बकाया रकम की वसूली की जाए और मनपा को आर्थिक दुष्चक्र से बाहर निकाला जाए,” ऐसा कहना मनोज प्रधान का है ।
उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपी – शरदचंद्र पवार पार्टी जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने के पक्ष में नहीं है ठाणे कर पहले से ही विभिन्न परियोजनाओं और समस्याओं को लेकर परेशान हैं ऐसे में आवासीय संपत्तियों पर 12 प्रतिशत और व्यावसायिक संपत्तियों पर 20 प्रतिशत कर वृद्धि का पार्टी पुरजोर विरोध करेगी।
मनोज प्रधान ने अंत में चेतावनी दी कि कर बढ़ोतरी के खिलाफ जनता की अदालत में लड़ाई लड़ी जाएगी और जरूरत पड़ने पर सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा , उन्होंने सवाल किया कि ठाणे करों की जेब पर बोझ डालकर शहर की आर्थिक व्यवस्था सुधारने का प्रयास आखिर कितना उचित है ? लेकिन अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या ठाणेकर इस बोझ से बच पाएंगे या फिर यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक रहेगा ।