मुंबई ( चंद्रभूषण विश्वकर्मा ) । लिवर, किडनी, फेफड़े और हृदय जैसे महत्वपूर्ण अंगों के फेल होने की स्थिति में अंग प्रत्यारोपण मरीजों के लिए जीवन बचाने वाला उपचार साबित होता है हालांकि लाखों रुपये तक पहुंचने वाला इसका खर्च आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है , ऐसे मरीजों के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आया है ।
1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच राज्य में अंग प्रत्यारोपण के लिए कुल 798 मरीजों को ₹15 करोड़ 79 लाख 66 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की गई ।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री सहायता कोष और चैरिटेबल हॉस्पिटल असिस्टेंस सेल की व्यवस्था को अधिक मरीज – केंद्रित और प्रभावी बनाया गया है । राज्य के सभी 36 जिलों में जिला-स्तरीय सेल स्थापित किए गए हैं जिससे मरीजों को चिकित्सा सहायता के लिए मुंबई स्थित मंत्रालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते ।
इसके साथ ही सहायता प्रक्रिया को तेज करने के लिए ऑनलाइन सिस्टम को भी अपडेट किया गया है , अब सहायता के लिए आवेदन मरीज के बजाय सेल से जुड़े अस्पताल द्वारा सीधे किया जाता है , आवश्यक दस्तावेज जमा होने के बाद मंजूरी की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाती है जिससे गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को समय पर उपचार मिल सके ।
किस अंग प्रत्यारोपण के लिए कितनी सहायता ?
– किडनी ट्रांसप्लांट: 617 मरीजों को ₹12,23,66,000
– लिवर ट्रांसप्लांट: 162 मरीजों को ₹3,21,50,000
– फेफड़े का ट्रांसप्लांट: 3 मरीजों को ₹6,00,000
– हार्ट ट्रांसप्लांट: 16 मरीजों को ₹28,50,000
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना ही नहीं, बल्कि मरीजों को उपचार में होने वाली देरी और आवेदन प्रक्रिया की बाधाओं से राहत दिलाना भी है , नई व्यवस्था के जरिए जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए आर्थिक सहायता जल्द उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है ।
मुख्यमंत्री सहायता कोष एवं चैरिटेबल हॉस्पिटल सहायता सेल के प्रमुख श्री रामेश्वर नाइक ने कहा कि अंग प्रत्यारोपण जैसे महंगे उपचार के लिए समय पर आर्थिक सहायता बेहद जरूरी है । मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के तहत पूरी प्रक्रिया को सरल और आधुनिक बनाया गया है , ताकि जरूरतमंद मरीजों को जल्द से जल्द सहायता मिल सके , जरूरतमंद मरीज टोल – फ्री नंबर 1800 123 2211 पर संपर्क कर सकते हैं ।