मुंबई ( चंद्रभूषण विश्वकर्मा ) | महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने निर्देश दिया है कि सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय में काम करें और राज्य में दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को आसान अधिक पारदर्शी और समय पर पूरा करने के लिए लंबित मामलों का शीघ्रता से समाधान करने की बात मंत्रालय में आयोजित दत्तक ग्रहण प्रक्रिया की समीक्षा बैठक में बोली , मंत्री तटकरे ने कहा कि राज्य में दत्तक ग्रहण प्रक्रिया में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और बच्चों को कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण के लिए सौंपने की प्रक्रिया में महाराष्ट्र देश में अग्रणी है हालांकि कुछ मामलों में देखा गया है कि रिश्तेदारों की सहमति न होने चिकित्सा परीक्षण और अन्य कानूनी मामलों के कारण देरी हो रही है इसलिए ऐसी बाधाओं को दूर करने और प्रक्रिया को तेज और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए ।
मंत्री अदिति तटकरे ने राज्य में लंबित दत्तक ग्रहण मामलों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया और कहा कि दत्तक ग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया जाना चाहिए ताकि कानूनी रूप से सौंपे गए प्रत्येक बच्चे को एक सुरक्षित स्थिर और प्रेमपूर्ण परिवार मिल सके , वर्तमान में राज्य में 62 विशेष दत्तक ग्रहण संस्थान कार्यरत हैं जो 2026 – 27 में शून्य से 18 वर्ष की आयु के 1,283 बच्चे कानूनी प्रक्रिया के तहत दत्तक ग्रहण के लिए उपलब्ध हैं और इस वर्ष अब तक 157 बच्चों को गोद लिया जा चुका है इसके अलावा रिश्तेदारों के माध्यम से 239 बच्चों की दत्तक ग्रहण प्रक्रिया कानूनी रूप से पूरी हो चुकी है |
आपको बता दे कि केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए ) के दिशानिर्देशों के अनुसार केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन संस्थानों, विशेष दत्तक ग्रहण संस्थानों जिला बाल संरक्षण प्रकोष्ठ जिला मजिस्ट्रेट और भावी दत्तक माता – पिता के समन्वय से दत्तक ग्रहण प्रक्रिया ऑनलाइन कार्यान्वित की जाती है जिसमे गोद लेने के इच्छुक माता – पिता को केंद्र सरकार के केयरिंग्स पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना आवश्यक है और बच्चे के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए एक समिति के माध्यम से माता – पिता द्वारा बच्चे को गोद लिया जाता है अब देखना यह दिलचस्प होगा कि महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे के इस निर्देश का पालन किस तरह से किया जाता है ।