ठाणे ( चद्रभूषण विश्वकर्मा ) | ठाणे स्थित नौपाड़ा के शाहू मार्केट का अत्याधुनिक वाहनतल में रूपांतरण किए जाने की प्रक्रिया के बीच यहां वर्षों से व्यवसाय कर रहे गालेधारकों के पुनर्वसन का रास्ता साफ हो गया है , गालेधारकों को विस्थापित करने के बजाय उनका *उसी स्थान पर पुनर्वसन* किए जाने की मांग को ठाणे महानगरपालिका प्रशासन ने मंजूरी दे दी है इस निर्णय के बाद गालेधारकों में राहत का माहौल है।
गौरतलब है कि नौपाड़ा विभाग में पूर्व में हुए सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्रभावित हुए कई गालेधारकों का पुनर्वसन शाहू मार्केट में किया गया था ऐसे में अब शाहू मार्केट को आधुनिक वाहनतल में विकसित किए जाने के कारण इन दुकानदारों के सामने दोबारा विस्थापन का संकट खड़ा हो गया था , गालेधारकों का कहना था कि उन्हें पहले ही विकास कार्यों के कारण अपनी मूल जगह से हटना पड़ा था और शाहू मार्केट में उनका पुनर्वसन किया गया था ऐसे में अब उन्हें फिर से हटाना उनके व्यवसाय और परिवार के रोजगार पर गंभीर असर डाल सकता था , इसी मुद्दे को देखते हुए संबंधित पदाधिकारियों की ओर से शुरुआत से ही *शाहू मार्केट गालेधारकों का पुनर्वसन उसी स्थान पर करने* की मांग उठाई जा रही थी ।
ज्ञात हो कि इस मांग को लेकर उपमुख्यमंत्री *एकनाथ शिंदे* के माध्यम से लगातार प्रशासन के समक्ष पाठपुरावा किया गया इनके लगातार किए गए प्रयासों के बाद ठाणे महानगरपालिका आयुक्त ने गालेधारकों के पुनर्वसन की मांग को मंजूरी दे दी है इसके चलते आधुनिक वाहनतल प्रकल्प में ही संबंधित गालेधारकों के लिए पुनर्वसन की व्यवस्था किए जाने का मार्ग खुल गया है ।
बता दे कि इस निर्णय के बाद शिवसेना कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महापौर *शर्मिला पिंपळोलकर* की उपस्थिति में संबंधित गालेधारकों को ठाणे सांसद नरेश म्हस्के के हाथो और महानगरपालिका की ओर से *गाला धारण प्रमाणपत्र* प्रदान किए गए , प्रमाणपत्र मिलने के बाद गालेधारकों ने समाधान व्यक्त करते हुए इस निर्णय का स्वागत किया ।
इस पूरी प्रक्रिया में स्थानीय नगरसेवक *संजय वाघुले, गटनेते **पवन कदम, शिवसेना पदाधिकारी **भास्कर पाटील, **विलास ठुसे* सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने लगातार प्रयास किए , गालेधारकों और कार्यकर्ताओं की ओर से इस मामले में किए गए पाठपुरावे के लिए संबंधित प्रतिनिधियों का सत्कार भी किया गया ।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शहर का विकास जरूरी है लेकिन विकास की प्रक्रिया में आम नागरिकों, छोटे व्यापारियों और वर्षों से व्यवसाय कर रहे लोगों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए विकास परियोजनाओं के कारण किसी व्यक्ति के रोजगार और आजीविका पर अन्याय नहीं होना चाहिए , इसी सोच के तहत शाहू मार्केट के गालेधारकों के पुनर्वसन का मुद्दा उठाया गया था ।
इस अवसर पर यह भी स्पष्ट किया गया कि ठाणे शहर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाते समय प्रभावित नागरिकों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी , विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाए रखते हुए किसी भी वर्ग को अनावश्यक रूप से विस्थापित न किया जाए, इसके लिए आगे भी प्रयास जारी रहेंगे।
कार्यक्रम में सभागृह नेता *हनमंत जगदाळे, शिवसेना सचिव **राम रेपाळे, पूर्व महापौर **अशोक वैती*, भास्कर पाटील, गटनेते पवन कदम, स्थानीय नगरसेवक संजय वाघुले सहित अनेक नगरसेवक, शिवसेना पदाधिकारी, कार्यकर्ता और शाहू मार्केट के गालेधारक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
शाहू मार्केट के गालेधारकों को उसी स्थान पर पुनर्वसन मिलने से अब उनके सामने खड़ा हुआ विस्थापन का संकट काफी हद तक दूर हो गया है साथ ही आधुनिक वाहनतल परियोजना के साथ प्रभावित व्यापारियों के हितों को सुरक्षित रखने का दावा भी किया गया अब देखना यह दिलचस्प होगा कि आखिर इस प्रकल्प की शुरुआत कब की जाती है ।