डॉ.प्रशांत सिंनकर ने मुख्यमंत्री से केंद्र सरकार तक प्रस्ताव पहुंचाने कि अपील की ….
ठाणे ( चन्द्रभूषण विश्वकर्मा ) । छत्रपति शिवाजी महाराज की स्वराज्य की राजधानी रहे किले रायगढ़ को *‘राष्ट्रीय किला’* घोषित करने की मांग को लेकर अब सरकारी स्तर पर हलचल शुरू हो गई है , पर्यावरण अभ्यासक डॉ. प्रशांत सिनकर ने रायगढ़ को राष्ट्रीय दर्जा देने के लिए महाराष्ट्र सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की मांग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की ।
ज्ञात हो कि इस मांग का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय ने उनका निवेदन पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया है ।
*रायगढ़ सिर्फ महाराष्ट्र का नहीं पूरे देश की विरासत*
डॉ. सिनकर ने अपने निवेदन में कहा है कि रायगढ़ केवल महाराष्ट्र के गौरव का प्रतीक नहीं बल्कि हिंदवी स्वराज्य के इतिहास का जीवंत साक्षी है , इसी किले पर छत्रपति शिवाजी महाराज का ऐतिहासिक राज्याभिषेक हुआ और स्वराज्य को राजवैभव प्राप्त हुआ ।

गौरतलब है कि ऐतिहासिक महत्व वाले रायगढ़ को राष्ट्रीय किले का दर्जा मिलना केवल एक ऐतिहासिक वास्तु का सम्मान नहीं होगा बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज के राष्ट्रनिर्माण के विचारों और स्वराज्य की संकल्पना का राष्ट्रीय गौरव होगा ।
*राष्ट्रीय प्रतीकों की तर्ज पर किले को भी मिले राष्ट्रीय पहचान*
डॉ. सिनकर ने कहा कि भारत के पास राष्ट्रीय फूल , राष्ट्रीय पशु और राष्ट्रीय पक्षी जैसे राष्ट्रीय प्रतीक हैं इसी तर्ज पर भारत के स्वराज्य , शौर्य और राष्ट्रनिर्माण के इतिहास के प्रतीक के रूप में किसी ऐतिहासिक किले को राष्ट्रीय दर्जा दिया जाना चाहिए जिससे उनके अनुसार रायगढ़ इस सम्मान के लिए सबसे उपयुक्त ऐतिहासिक स्थलों में से एक है ।
*अब केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर नजर*
रायगढ़ की मिट्टी में स्वराज्य की शपथ किले की तटबंदी में संघर्ष की गाथा और इसकी प्रत्येक पायरी में छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास की साक्षी है इसलिए रायगढ़ का इतिहास केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं बल्कि भारतीय स्वराज्य और राष्ट्रनिर्माण के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है ऐसा डॉ. सिनकर ने अपने निवेदन में कहते हुए , मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा मांग को पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के पास भेजे जाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि महाराष्ट्र सरकार केंद्र सरकार के समक्ष रायगढ़ को ‘राष्ट्रीय किला’ घोषित करने का आधिकारिक प्रस्ताव कब भेजती है ।
बता दे कि इस मांग पर अब शिव प्रेमियों और इतिहास प्रेमियों की नजर सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी है कि रायगढ़ महाराष्ट्र का गौरव है ही अब उसे भारत की राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक बनाने की मांग ने नया रूप ले लिया है लेकिन अब देखना यह दिलचस्प होगा कि केंद्र सरकार इस मांग पर कब तक अपनी मुहर लगाती है ।