पुणे । पुणे महानगरपालिका के विकास कार्यों को लेकर सोशल मीडिया पर अपने बेबाक और आक्रामक वीडियो के लिए चर्चा में रहने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और रील स्टार संतोष पंडित को अदालत से बड़ा झटका लगा है , पुलिस कस्टडी (पुलिस कोठडी) की अवधि समाप्त होने के बाद कोर्ट ने उन्हें २१ सितंबर तक न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजने का आदेश सुनाया है इसके तुरंत बाद उन्हें पुणे की ऐतिहासिक येरवडा सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है ।
क्या है पूरा मामला ?
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले पुणे के कोथरुड और डेक्कन इलाके में विकास कार्यों से जुड़े वीडियो बनाते समय महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री चंद्रकांत पाटिल और एक महिला पूर्व कॉर्पोरेटर के खिलाफ आपत्तिजनक , अश्लील और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में संतोष पंडित के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था , उन पर मंत्रियों की बदनामी करने और अशांति फैलाने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और IT Act की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है , इसके बाद कोथरुड पुलिस ने आधी रात को करीब १ बजे उनके घर पर छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था , पुलिस पूछताछ पूरी होने के बाद आज उन्हें अदालत में पेश किया गया जहाँ कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार करते हुए सीधे जेल भेज दिया ।
सोशल मीडिया पर बंटी जनता की राय
ज्ञात हो कि इस बड़ी कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर लोग दो गुटों में बंट गए हैं जहाँ एक पक्ष पुलिस और कानूनी कार्रवाई का पुरजोर समर्थन कर रहा है तो वहीं दूसरा पक्ष इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताते हुए इस कार्रवाई का कड़ा विरोध कर रहा है , लोगो द्वारा यह सवाल लगातार पूछा जा रहा है कि क्या सत्ता से सवाल पूछना गलत है क्योंकि संतोष पंडित ने सत्ता से सवाल पूछा और उनके ऊपर कई आरोप लगा कर जेल भेज दिया गया , क्या यह सच्चाई के आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है , अब देखना यह दिलचस्प होगा कि संतोष पंडित की जमानत कितने दिनों में होती है और क्या जेल से बाहर आने के बाद संतोष पंडित अपने उसी अंदाज में वीडियो बनाते है ।