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भ्रष्ट शिक्षणाधिकारी की वापसी पर क्या भ्रष्टाचार में लिप्त होने के लिए कार्यालय से गायब हुए कमर्चारी और अधिकारी ?

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ठाणे ( चंद्रभूषण विश्वकर्मा ) ।    ठाणे में शिक्षा माफियाओ को सह देने वाले भ्रष्ट शिक्षणाधिकारी देवीदास महाजन नाशिक के 160 करोड़ के घोटाले में आरोपी होने के बाद ठाणे में बतौर शिक्षणाधिकारी माध्यमिक विभाग में देवीदास महाजन की नियुक्ति हुई और उसके बाद भ्रष्ट शिक्षणाधिकारी देवीदास महाजन शिक्षा व्यवस्था को ठीक करके की बजाय भ्रष्टाचार करने वाले शिक्षा माफियाओ को बचाने में अपना खून पसीना और अपनी पूरी ताकत लगा देने वाले अधिकारियों में से एक है ।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही नाशिक के एक न्यायलय ने 160 करोड़ के मामले में अरोपी देवीदास महाजन का जमानत नामंजूर कर दिया था जिसके बाद भ्रष्ट शिक्षणाधिकारी देवीदास महाजन अपनी राजनीतिक रसूखों की वजह से बच कर फिर ठाणे में बतौर शिक्षणाधिकारी देवीदास महाजन वापस आ गए है लोगो में चर्चा है कि अब फिर शिक्षा माफिया अपने सरदार के दम पर खुलेआम भ्रष्टाचार को बढ़ावा देंगे ।

ज्ञात हो कि सावरकर नगर स्थित ज्ञानोदय विद्या मंदिर में कई भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे जिसके कई साक्ष्य मौजूद होने के बाद भी भ्रष्ट शिक्षणाधिकारी देवीदास महाजन ने ज्ञानोदय विद्या मंदिर के ट्रस्टियों को बचाने में अपनी पूरी ताकत लगा दिया और सभी मामलों पर पर्दा डालने की पूरी कोशिश कर रहे है ।

सूत्रों की माने तो ज्ञानोदय विद्या मंदिर को बचाने के लिए भ्रष्ट शिक्षणाधिकारी देवीदास महाजन ने मोटी मलाई खाई और तातुर मातूर की कार्यवाही दिखा कर ज्ञानोदय विद्या मंदिर के मैंजेमनेट और प्रधानाध्यापक प्रेम तिवारी को बचाने के जद्दोजहद में लग गये है ।

बता दे कि भ्रष्ट शिक्षणाधिकारी देवीदास महाजन की फिर से एंट्री होते ही माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारी और अधिकारी अपने मनमाने कार्यभार में लग गए है और आये समय में अपने कार्यालय से गायब रहते है मानो वह शिक्षण विभाग में नहीं बल्कि अपने निजी कंपनी में काम कर रहे हो जब चाहे ऑफिस आए और जब चाहे चल दिये भाजपा के पदाधिकारी विपिन पांडेय ने बताया कि ज्ञानोदय विद्या मंदिर में हो रहे कई भ्रष्टाचार के साक्ष्य देने के बाद भी भ्रष्ट शिक्षणाधिकारी देवीदास महाजन कार्यवाही करने की बजाय ज्ञानोदय विद्या मंदिर को बचाने में लगा हुआ है और जब भी बिपिन पांडे मामले के फालोअप के लिए शिक्षण विभाग के कार्यालय में जाते है वहां से कर्मचारी और अधिकारी गायब रहते है ।

विपिन ने यह भी बताया कि इस भ्रष्टाचार की जांच कर उचित कार्यवाही करने के लिए भाजपा विधायक संजय केलकर ने भी शिक्षणाधिकारी देवीदास महाजन को फोन किए थे उसके बाद भी भ्रष्टाचार में लिप्त देवीदास महाजन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है विपिन पांडेय ने कहा कि अगर जल्द ही शिक्षणाधिकारी देवीदास महाजन ने ज्ञानोदय विद्या मंदिर पर उचित कार्यवाही नहीं किए तो भाजपा पदाधिकारी इस विषय को लेकर बड़ा आंदोलन करेंगे और इस भ्रष्ट शिक्षणाधिकारी देवीदास महाजन को उसके पद से हटाने और SIT से इसकी जांच की माग करेंगे , अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या ज्ञानोदय विद्या मंदिर के भ्रष्टाचार की जांच कर कोई कार्यवाही की जाती है या फिर घुमा फिरा कर मामले को दबाने की कोशिश की जाती है ?….।

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