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अमृत योजना में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे ठाणे मनपा अधिकारी महादेव जांगड़े जांच की मांग …… 

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Thane Municipal Corporation : ठाणे ( चंद्रभूषण विश्वकर्मा ) ।  ठाणे महानगरपालिका के पानी विभाग से जुड़े कार्यों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ रहे हैं रायलादेवी प्रभाग समिति में कार्यरत अधिकारी महादेव जांगड़े पर ठेकेदारों के साथ कथित मिलीभगत और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं आरोप लगाने वालों का दावा है कि जांगड़े लंबे समय से इसी क्षेत्र में पदस्थ हैं और उनके कार्यकाल की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है , अब चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या केंद्र और राज्य सरकार की अमृत योजना के तहत पानी से संबंधित कार्यों में भी किसी प्रकार की अनियमितता हुई है ?  इन आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है ।

15 वर्षों से एक ही क्षेत्र में तैनाती पर उठे सवाल .. ? 

आरोप है कि महादेव जांगड़े पिछले करीब 15 वर्षों से रायला देवी प्रभाग समिति से जुड़े हुए हैं शिकायतकर्ताओं और स्थानीय स्तर पर चर्चा के अनुसार इतने लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में पदस्थ रहने के कारण ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ की आशंका जताई जा रही है ऐसे में यह महत्वपूर्ण है कि ठाणे महानगरपालिका प्रशासन पूरे मामले के रिकॉर्ड की जांच करें और यदि किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए ।

अमृत योजना के कामों की जांच की मांग ……?

अमृत योजना के कामों की जांच की मांग ......

अमृत योजना के अंतर्गत पानी की आपूर्ति, जलापूर्ति व्यवस्था और संबंधित बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विभिन्न कार्य किए जाते हैं आरोप लगाने वालों की मांग है कि रायलादेवी प्रभाग समिति के अंतर्गत अमृत योजना से संबंधित कार्यों की टेंडर प्रक्रिया , वर्क ऑर्डर , बिल भुगतान , माप पुस्तिका , काम की गुणवत्ता और ठेकेदारों के भुगतान की स्वतंत्र जांच कराई जाए सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि यदि इन कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी और ठेकेदार की है ?

राजनीतिक दलों के आरोप लेकिन कार्रवाई पर सवाल ……?

गौरतलब है कि स्थानीय स्तर पर विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं द्वारा भी महादेव जांगड़े को लेकर आरोप लगाए जाने का दावा किया गया है बावजूद इसके अब तक किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आयी  हैं शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि आरोप निराधार हैं तो जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए और यदि आरोपों में तथ्य पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

मंत्रालय तक पहुंच होने के दावे की भी जांच जरूरी …….?

स्थानीय सूत्रों के हवाले से यह दावा भी किया जा रहा है कि महादेव जांगड़े की मंत्रालय स्तर तक पहुंच है हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ठाणे महानगरपालिका प्रशासन महादेव जांगड़े से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराएगा ? क्या पिछले वर्षों में उनके कार्यक्षेत्र में हुए कामों और ठेकेदारों के भुगतान की जांच होगी ? और क्या अमृत योजना के अंतर्गत हुए कार्यों का भी स्वतंत्र ऑडिट कराया जाएगा ?

प्रशासन की जांच से सामने आ सकता है सच …..?

भ्रष्टाचार के आरोपों की सच्चाई केवल निष्पक्ष जांच, दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही सामने आ सकती है इसलिए ठाणे महानगरपालिका प्रशासन से मांग की जा रही है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए और जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएं ।

नोट : इस खबर में लगाए गए आरोप शिकायतों, दावों और स्थानीय चर्चाओं पर आधारित हैं संबंधित अधिकारी , ठेकेदार अथवा ठाणे महानगरपालिका का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा …..

 

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