ठाणे ( चंद्रभूषण विश्वकर्मा ) | वरिष्ठ पत्रकार और पर्यावरण शोधकर्ता डॉ.प्रशांत सिनकर को जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए रोटरी क्लब ऑफ डोंबिवली मिडटाउन की ओर से प्रतिष्ठित ‘प्रेरणा–वोकेशनल एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया , यह सम्मान उनके द्वारा जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक जल स्रोतों को बचाने को लेकर किए जा रहे लगातार जनजागरूकता प्रयासों के लिए प्रदान किया गया , डॉ.प्रशांत सिनकर लंबे समय से “पानी बचाओ, पानी को संजोओ और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों की रक्षा करो” के संदेश के साथ लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं , पत्रकारिता के माध्यम से उन्होंने पानी से जुड़े गंभीर सवालों को सार्वजनिक चर्चा में लाने पर जोर दिया है ।
जल संरक्षण को लेकर लगातार उठाते रहे हैं आवाज
डॉ.प्रशांत सिनकर ने अपनी पत्रकारिता के दौरान जल संकट , पानी की बर्बादी , जल स्रोतों के प्रदूषण और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण प्राकृतिक जल निकायों पर पड़ रहे प्रभाव जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है , शहरों के विस्तार के साथ तालाबों , नदियों , झीलों और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव को लेकर भी उन्होंने जागरूकता फैलाने का प्रयास किया है उनका मानना है कि जल संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की इसमें भूमिका है उनके अनुसार पानी की बचत और उपलब्ध जल स्रोतों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से सीधे जुड़ा विषय है , इसी सोच के साथ वह जल संरक्षण के मुद्दे को लगातार लोगों के बीच ले जाने का प्रयास करते रहे हैं ।
‘पानी बचाओ’ संदेश को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर
डॉ.प्रशांत सिनकर के अभियान का मुख्य संदेश पानी की बर्बादी रोकने और उपलब्ध जल संसाधनों को सुरक्षित रखने पर केंद्रित रहा है वह लोगों को यह समझाने पर जोर देते हैं कि पानी की समस्या केवल गर्मियों या सूखे के समय दिखाई देने वाली समस्या नहीं है बल्कि यह भविष्य की बड़ी चुनौती बन सकती है , शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी , निर्माण गतिविधियों और प्राकृतिक जल निकायों पर बढ़ते दबाव के बीच जल संरक्षण की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है ऐसे में जागरूकता के जरिए लोगों को पानी के जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए प्रेरित करना उनके प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है ।

रोटरी क्लब ऑफ डोंबिवली मिडटाउन ने किया सम्मान
डॉ.प्रशांत सिनकर के इन प्रयासों को मान्यता देते हुए रोटरी क्लब ऑफ डोंबिवली मिडटाउन ने उन्हें ‘प्रेरणा–वोकेशनल एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया , पुरस्कार समारोह में DGN रोटेरियन सुरुजित पुथेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे वहीं रोटेरियन विनय हेब्बार विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए , यह सम्मान रोटरी क्लब ऑफ डोंबिवली मिडटाउन के अध्यक्ष डॉ. किशोर अढाळकर, सचिव रोटेरियन गणेश डॉयफोडे , प्रोजेक्ट हेड वरुण पित्रे और अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में डॉ.प्रशांत सिनकर को प्रदान किया गया ।
पत्रकारिता और पर्यावरण जागरूकता का संगम
डॉ.प्रशांत सिनकर की पत्रकारिता में पर्यावरण से जुड़े विषयों को लगातार स्थान मिलता रहा है जल संकट और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मुद्दों को समाचारों और जनजागरूकता के माध्यम से सामने लाने का उनका प्रयास इस दिशा में महत्वपूर्ण माना गया है , उनका जोर इस बात पर रहा है कि पर्यावरण से जुड़े विषयों को केवल सरकारी योजनाओं या प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए आम नागरिकों को भी जल स्रोतों की सुरक्षा और पानी के विवेकपूर्ण इस्तेमाल के प्रति जागरूक होना जरूरी है ।
सम्मान के बाद भी जारी रहेगा जागरूकता का प्रयास
कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई इस सम्मान को केवल एक पुरस्कार के तौर पर नहीं, बल्कि जल और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों को लगातार उठाने वाले प्रयासों की सार्वजनिक मान्यता के रूप में देखा गया , डॉ.प्रशांत सिनकर का संदेश स्पष्ट है कि पानी बचाना और जल स्रोतों की रक्षा करना भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक है उनका मानना है कि यदि आज जल संसाधनों की अनदेखी की गई तो आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं , रोटरी क्लब ऑफ डोंबिवली मिडटाउन द्वारा दिया गया यह सम्मान जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता से जुड़े उनके प्रयासों को मिली नई पहचान है साथ ही यह सम्मान जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।
जल संकट , प्रदूषण और प्राकृतिक जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव के बीच पानी बचाने और जल स्रोतों को सुरक्षित रखने का संदेश आने वाले समय में और महत्वपूर्ण होता जा रहा है ऐसे में पत्रकारिता के माध्यम से पर्यावरणीय मुद्दों को लगातार सामने लाने के प्रयासों पर यह सम्मान एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक पहचान के रूप में सामने आया है ।