Hindi News / महाराष्ट्र

क्लस्टर को लेकर NCP (शरदचंद्र पवार) का जनमोर्चा , ठाणे मनपा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

Article Top Ad

डॉ. जितेंद्र आव्हाड का सवाल—“ठाणे को बर्बाद करने का ठेका किसने लिया है ?”

मनोज प्रधान ने पूछा—“₹130 करोड़ का फायदा आखिर किसे पहुंचाया गया ?”

ठाणे (चंद्रभूषण विश्वकर्मा ) ।  ठाणे महानगरपालिका की महासभा में क्लस्टर डेवलपमेंट स्कीम के क्रियान्वयन के लिए ‘क्लस्टर डेवलपमेंट कंपनी’ गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के विरोध में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने गुरुवार को जोरदार जनमोर्चा निकाला , तीन हाथ नाका से क्लस्टर डेवलपमेंट कार्यालय तक निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में नागरिकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया ।

NCP (शरदचंद्र पवार) ने आरोप लगाया कि क्लस्टर डेवलपमेंट के लिए कंपनी के गठन से ठाणे महानगरपालिका के अधिकारों का हनन होगा और शहर की विकास नीतियों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों का अधिकार एक कंपनी के हाथों में चला जाएगा , पार्टी ने मांग की कि क्लस्टर प्रोजेक्ट का प्रबंधन कंपनी के हाथों से वापस लेकर ठाणे मनपा के नियंत्रण में रखा जाए ।

मोर्चे को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने ठाणे की बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है और ट्रैफिक की समस्या लगातार बनी हुई है , इसके बावजूद क्लस्टर से जुड़ी कंपनी को कथित तौर पर ₹130 करोड़ दिए जाने पर उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह राशि किस उद्देश्य से दी गई और इसका लाभ किसे पहुंचाया जा रहा है ।

आव्हाड ने कहा कि एक ओर शहर में पानी, सड़क और यातायात जैसी मूलभूत समस्याएं हैं, वहीं दूसरी ओर बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं के नाम पर पेड़ों की कटाई और भारी निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है उन्होंने आरोप लगाया कि ठाणे के पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है ।

उन्होंने क्लस्टर योजना में सहमति पत्रों को लेकर भी सवाल उठाया। उनका आरोप था कि जिन लोगों के पास कथित तौर पर 50 प्रतिशत मालिकाना हक नहीं है, उनके द्वारा भी सहमति पत्र जमा किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं उन्होंने पूछा कि ऐसे लोगों को सहमति देने का अधिकार किस आधार पर दिया जा रहा है ।

आव्हाड ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर घर खाली कराने के लिए आने वाले लोग कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्र दिखाकर खुद को ठाणे मनपा का कर्मचारी बताते हैं उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच करने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की ।

मनोज प्रधान ने उठाया ₹130 करोड़ का सवाल

NCP नेता मनोज प्रधान ने क्लस्टर डेवलपमेंट कंपनी को लेकर सीधे तौर पर सवाल उठाते हुए कहा कि 74वें संविधान संशोधन अधिनियम के तहत स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को प्राप्त अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

प्रधान ने दावा किया कि ठाणे शहर में करीब 4,000 एकड़ जमीन पर क्लस्टर डेवलपमेंट की योजना है उन्होंने कहा कि शहर में अभी भी पानी की कमी की समस्या है और मानसून के दौरान भी कई क्षेत्रों में नागरिकों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है ऐसे में बड़े पैमाने पर विकास के लिए 12 FSI देने की योजना पर पुनर्विचार होना चाहिए ।

उन्होंने आरोप लगाया कि क्लस्टर प्रोजेक्ट के लिए बनाए गए स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के बारे में सार्वजनिक स्तर पर पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है इसके बावजूद विकास कार्यों की जिम्मेदारी इस कंपनी को देने की तैयारी की जा रही है ।

प्रधान ने सवाल किया कि जब ठाणे मनपा में चुनी हुई जनप्रतिनिधि संस्था मौजूद है, तो उसके अधिकार किसी कंपनी को क्यों दिए जा रहे हैं उन्होंने कहा कि गरीबों को पक्का और सम्मानजनक घर मिलना चाहिए, लेकिन पुनर्विकास की प्रक्रिया में उनकी प्राथमिकता और अधिकारों से समझौता नहीं होना चाहिए ।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एक तरफ नागरिकों पर प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की बात होती है और दूसरी तरफ क्लस्टर से जुड़ी कंपनी को ₹130 करोड़ दिए जाते हैं प्रधान ने मांग की कि इस राशि के उपयोग, मंजूरी और खर्च का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए।

कंपनी के पीछे कौन है?”—NCP

मनोज प्रधान ने सवाल उठाया कि क्लस्टर डेवलपमेंट कंपनी के पीछे कौन लोग हैं और इसे वास्तव में कौन संचालित कर रहा है उन्होंने प्रशासन से कंपनी से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की , NCP नेताओं ने आरोप लगाया कि क्लस्टर योजना के माध्यम से किसी चुनिंदा बिल्डर को फायदा पहुंचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए, पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह गरीबों के आवास के अधिकार के खिलाफ नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर पारदर्शिता और नागरिकों के अधिकारों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता हुए शामिल

जनमोर्चे में कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश पाटिल, युवा अध्यक्ष एवं गट नेता अभिजीत पवार, महिला विंग अध्यक्ष मनीषाताई भगत, विपक्ष के नेता शानू पठान, मुंब्रा वार्ड समिति अध्यक्ष दीपाली भगत, नगरसेवक यासीन कुरैशी, प्रकाश बर्डे, सुधीर भगत, महिला विंग की कार्यकारी अध्यक्ष फूलबानो पटेल, युवा विंग के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश कदम एवं श्रीकांत भैर, महासचिव राजेश साटम, वीरू वाघमारे, मिलिंद बनकर, मकसूद खान, सुरेंद्र उपाध्याय, शमीम खान सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

इसके अलावा बुद्धभूषण गोटे, जगत सिंह, सचिन पंधेरे, कुलविंदर सिंह, मेहरबान पटेल, एकनाथ जाधव, क्रुणाल भोईर, पद्माकर पाटिल, बिपिन गेहलोत, समाधान माने, उमेश अग्रवाल, पूजा शिंदे, माधुरी सोनार, असीम शेख, प्रदीप साटम, राजू चपले, वैभव विचारे, विशांत गायकवाड़, शुभम द्विवेदी, संदीप ढकोलिया, राकेश भगत, रत्नेश दुबे, ज्ञानेश्वर राजपंखे, मुलीम खान, नीलेश सावंत, गजानन चौधरी, दिलीप नाइक, राजू शिंदे, राहु पाटिल, संतोष साटम, मनीषा पाटिल, दीपाली गावंद, दिलीप उपाडे, पप्पू अस्थाना, शेखर भालेराव, किशोर फुपाने, संदीप येतल और विश्वास चव्हाण समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मार्च में भाग लिया ।

 

अब सवाल यह है कि NCP (शरदचंद्र पवार) के इस जनमोर्चे के बाद ठाणे महानगरपालिका क्लस्टर डेवलपमेंट कंपनी और ₹130 करोड़ के प्रावधान को लेकर क्या कदम उठाती है? आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।

Article Inline Ad
Article Bottom Ad