पंढरपुर | DNA रिपोर्ट से खुला मर्डर का राज महाराष्ट्र के पंढरपुर तालुका में 70 वर्षीय बुजुर्ग की संदिग्ध मौत के मामले ने करीब डेढ़ महीने बाद नया मोड़ ले लिया है पुलिस के मुताबिक वैज्ञानिक जांच और DNA रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले की जांच को नई दिशा मिली पुलिस ने इस मामले में 70 वर्षीय महिला मंगल होनमाने को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है , मृतक की पहचान अंबादास खांडेकर (70) के रूप में हुई है पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि 27 जुलाई को आखिर ऐसा क्या हुआ था जिसके बाद अंबादास खांडेकर की मौत हो गई इस मामले में आरोपी महिला पर कथित तौर पर सबूतों को नष्ट करने की कोशिश का भी आरोप है हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी ।
27 जुलाई को हुआ था विवाद
पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना 27 जुलाई की है बताया जा रहा है कि अंबादास खांडेकर और मंगल होनमाने के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था दोनों के बीच हुई कहासुनी कथित तौर पर गंभीर स्थिति में पहुंच गई , इसके बाद अंबादास खांडेकर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और घटनास्थल से मिले महत्वपूर्ण अवशेषों को जांच के लिए भेजा , शुरुआती स्तर पर मामला जितना सीधा नजर आ रहा था वैज्ञानिक जांच के बाद तस्वीर उतनी ही गंभीर होती चली गई।
DNA रिपोर्ट बनी जांच की अहम कड़ी

मामले की जांच में DNA रिपोर्ट महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई पुलिस ने घटनास्थल से मिले अवशेषों के आधार पर DNA जांच कराई थी रिपोर्ट आने में करीब डेढ़ महीने का समय लगा रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मंगल होनमाने को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की , DNA रिपोर्ट के बाद जांच अधिकारियों के सामने कई अहम सवाल खड़े हुए हैं पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितियां क्या थीं और मृतक की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या रहा ।
70 वर्षीय महिला से पुलिस की पूछताछ
पंढरपुर पुलिस ने मंगल होनमाने को हिरासत में लेकर पूछताछ की है पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान मामले से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं , जांच एजेंसियां अब घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद के बाद क्या हुआ , मृतक की मौत किस परिस्थिति में हुई और कथित तौर पर सबूतों से छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट करने का प्रयास किया गया था या नहीं , मामले में पुलिस उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों , पूछताछ और अन्य सबूतों को आपस में जोड़कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
सबूत नष्ट करने के आरोप की भी जांच
इस मामले में सिर्फ मौत की परिस्थितियां ही नहीं बल्कि सबूतों को कथित तौर पर नष्ट करने का पहलू भी पुलिस जांच के दायरे में है यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो मामले की गंभीरता और बढ़ सकती है , पुलिस घटनास्थल से मिले अवशेषों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के बाद किन परिस्थितियों में सबूतों को संभाला गया ।
डेढ़ महीने बाद खुला मामला
इस मामले की सबसे अहम बात यह है कि घटना के करीब डेढ़ महीने बाद DNA जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस की जांच को नई दिशा मिली वैज्ञानिक जांच ने पुलिस को उपलब्ध साक्ष्यों की दोबारा पड़ताल करने का आधार दिया , अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ रही है जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अंबादास खांडेकर की मौत वास्तव में किन परिस्थितियों में हुई और इस मामले में किसकी क्या भूमिका थी , फिलहाल मंगल होनमाने से पूछताछ जारी है और पंढरपुर पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
नोट: इस खबर में आरोपी महिला के खिलाफ लगाए गए आरोप पुलिस जांच पर आधारित हैं दोष सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।